गुवाहाटी ।

असम एनआरसी में एक के बाद एक गलतियां सामने आ रही है। अब तक ऐसे कई वाकये सामने आ चुके हैं जिनमें यहां निवासियों को विदेशी घोषित कर डिटेंशन कैंप भेज दिया गया। इतना ही नहीं बल्कि आर्मी और सीआईएसएफ आदि में सेवा दे चुके फौजियों तक को इसका शिकार होना पड़ा है। लेकिन अब जो खबर आई है वो जरा चौंकाने वाली है। यहां पर कक्षा 1 में पढ़ने वाले 7 वर्षीय बच्चे को विदेशी घोषित करते हुए उसें एनआरसी से बाहर कर दिया गया। हालांकि बच्चे के माता-पिता का नाम एनआरसी में है।


यह मामला असम के दरंग जिले के खारूपेटियन इलाके के नंबर 2 मागुरमारी गांव का है। यहां पर कक्षा 1 में पढ़ने वाले 7 वर्षीय बालक का नाम एनआरसी से बाहर कर दिया गया। जबकि बच्चे पिता जावेद अली समेत पूरे परिवार का नाम पहले से ही एनआरसी में आ चुका है। इनमें से किसी को भी डी—वोटर नहीं बताया गया, लेकिन एक छोटे से बालक के साथ ऐसा किए जाने से पूरे परिवार में कौतूहल का माहौल है।


बच्चे के पिता का आरोप है कि एक बच्चा जो अभी यह भी नहीं जानता की एनआरसी क्या है उसें विदेशी बताकर बाहर कर दिया गया। उनका कहना है कि एनआरसी से जुड़े कुछ कर्मचारी और अधिकारी एक समुदाय को निशाना बनाकर परेशान कर रहे हैं। वहीं, राज्य एनआरसी संयोजक प्रतीक हाजेला से बच्चे पिता ने मांग की है कि बेकसूर लोगों को इस तरह से परेशान करने वाली घटनाओं को बंद कराया जाए।