गुवाहाटी ।

असम एनआरसी की फाइनल ड्राफ्ट की तारीख ज्यों—ज्यों नजदीक आती जा रही है, त्यों—त्यों इसमें खामियां ज्यादा सामने आ रही है। हाल ही एक सीआईएसएफ जवान को विदेशी बताकर डी—वोटर का नोटिस भेजा गया था। लेकिन अब एक और चौंकाने वाली खबर आई है जिसमें पता चला है कि एक 75 वर्षीय बुजुर्ग को विदेशी बताकर 55 दिन डिटेंशन कैंप में रखा गया। उसके बाद कोर्ट ने उसें जमानत पर रिहा किया है।


यह मामला कोकराझार जिले का है जहां के ताछेअली शेख को विदेशी बताकर यहां के डिटेंशन कैंप में भेज दिया गया था। हालांकि गुवाहाटी कोर्ट ने इस 75 वर्षीय बुजुर्ग को अब इंट्रीम बेल पर बाहर किया है। शेख को फोरेनर्स ट्रिब्यूनल अधिकरण ने विदेशी घोषित किया है। ताछेअली कोकराझार जिले के गोसाइगांव कस्बे के सिमुलतापु के नंबर 3 के रहने वाले हैं। उनके खिलाफ पले से ही 2 केस रजिस्टर्ड हैं। उनको 2008 में एफटी द्वारा नोटिसस जारी किया गया था कि वो डी—वोटर हैं। इसके बाद उनको विदेशी घोषित करके डिटेंशन कैंप भेजा गया।


ताछेरअली के परिवार का कहना है कि उनको केस नंबर 2179/2008 के तहत 2012 में भारतीय नागरिक घोषित किया जा चुका था। इससे पहले एक अन्य कानूनी प्रक्रिया के तहत 2010 में केस नंबर 2385/10 के तहत उनको डिटेंशन कैंप भेजा गया था। इसके बाद उन्होंने अपने सबूत देने के लिए कई दरवाजे खटखटाए।