शिलांग। ।

नारियल और सुपारी के पेड़ो से घिरा पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा का घर आंगन में धान सूख रहा है। पास में ही सूखी जलाऊ लकड़ियों का ढेर, ये सब लोकसभा चुनाव की तैयारियों का ही हिस्सा है। कार्यकर्ताओं के लिए भोजन यहीं बनेगा। दिवंगत पीए सगंमा की बेटी व पूर्व केंद्रीय मंत्री अगाथा नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) से तुरा सीट से मैदान में हैं।



उनके लिए लड़ाई कठिन नहीं दिखती है क्योंकि यहां चुनाव में वोटर सिर्फ इसी परिवार को जानते हैं। पीए सगंमा तो चार अलग-अलग पार्टियों में रहकर यहां से नौ मर्तबा चुनाव जीत चुके हैं। उनके निधन के बाद उपचुनाव में पुत्र कोनराड के संगमा चुने गए कोनराड वर्तमान में मेघालय के मुख्यमंत्री हैं और उनके भाई जेम्स गृहमंत्री हैं।



इस बार लोकसभा चुनाव में मेघालय की दो सीटें हैं जिसमें तुरा और शिलांग है। शिलांग में दस साल तक कांग्रेस का कब्जा था लेकिन इस बार सत्तारूढ़ एनपीपी कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है। यहां कांग्रेस से मुकाबले में सभी दलों का साझा उम्मीदवार हो सकता है। तीन पहाड़ी इलाकों गारो, खासी और जयंतिया हिल्स पर बसे मेघालय का तुरा कस्बा वेस्ट गारो हिल्स जिले का मुख्यालय है।



गारो जनजाति जो कि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा है। संगमा परिवार भी इसी से है। अगाथा की मां सरोजनी कहती है कि अगाथा का मुकाबला कांग्रेस से होगा। यहां एनपीपी और सहयोगी भाजपा में थोड़ा विरोधाभास दिख रहा है। दूसरी ओर एनपीपी के कार्यकर्ता अध्यक्ष सेम्पॉट संगमा ने कहा कि हमारा मुकाबला तो सिर्फ कांग्रेस से ही है।



शिलांग की बात की जाए तो यहां रोचक मुकाबला होने वाला है। यदी एनपीपी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल यूडीपी, पीडीएफ, एचएसपीडीपी और भाजपा मिलकर लड़ते हैं तो कांग्रेस के लिए बहुत ही मुश्किल होगी। मुख्यमंत्री कोनराड इस बात पर सहमति बनाने में जुटे हैं कि कांग्रेस से मुकाबला मिलकर किया जाए।



आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यहां दो सीटे हैं और छह दल सक्रिय हैं। सगंमा की एनपीपी समेत पांच दल कांग्रेस से मुकाबले में उतरेंगे। कांग्रेस यहा नागरिकता संशोधन विधेयक का मुद्दा उठा सकती है। हालांकि मुख्यमंत्री कोनराड ने इसका खुलकर विरोध किया था। संगमा पर कांग्रेस परिवारवाद का मुद्दा उछालेगी।