7 मई (मंगलवार) को अक्षय तृतीया है। इस अवसर पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। अगर आप भी अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं की सोना खरीदने के बाद आप सोने को कहां सुरक्षित रख सकते हैं, साथ ही उस पर ब्याज भी ले सकते हैं।




सोने की ज्‍वेलरी या सोने के सिक्‍के हैं तो आप इन्‍हें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) गोल्‍ड डिपॉजिट स्‍कीम (R-GDS) के तहत जमा कर ब्याज के साथ-साथ कई फायदें उठा सकते हैं। SBI आपकी ज्‍वेलरी या सोने की शुद्धता के आधार पर आपको सोने का जमा प्रमाण पत्र देता हैं। वहीं, जब जमा की अवधि खत्‍म हो जाती है, तब 3, 4, 5 या 6 साल बाद आप उस सोने को या तो गोल्‍ड के रुप में या कैश के रुप में ब्‍याज के साथ उस समय के दाम के आधार पर प्राप्‍त कर सकते हैं। एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति इस स्कीम में शामिल हो सकता हैं। सिंगल, जाइंट अकाउंट भी खुलवाया जा सकता हैं। एचयूएफ, पार्टनरशिप फर्म भी इसमें निवेश कर सकती हैं।




इस स्कीम के तहत 30 ग्राम सोना जमा करना अनिवार्य है, ज्यादा की कोई लिमिट नहीं है। इस स्कीम में 1-3 साल के लिए जमा किया जाता है। एसबीआई में इस स्कीम का नाम शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट (STBD) रखा हैं। वहीं, मीडियम और लॉन्ग टर्म के लिए जमा अवधि 5-7 और 12-15 साल है। STBD स्कीम में फिलहाल एक साल के लिए 0.50 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है। दो साल के लिए 0.55 फीसदी और तीन साल के लिए 0.60 फीसदी है। वहीं, लॉन्ग टर्म यानी 5-7 साल के लिए 2.25 फीसदी/सालाना ब्याज मिलेगा। 12-15 साल के लिए 2-5 फीसदी/सालाना का ब्याज मिलेगा।




एक साल के तय समय से पहले पैसा निकालने पर ब्याज दर पर पैनल्टी लगेगी। वहीं, मीडियम टर्म वाली अवधि में निवेशक 3 साल के बाद स्कीम से बाहर हो सकते हैं। लॉन्ग टर्म वाली स्कीम से 5 साल के बाद ही बाहर निकला जा सकता हैं। इन अवधी के बीच में पैसा निकाला तो पैनल्टी लगेगी। SBI की दिल्ली में पीबी ब्रांच, SME ब्रांच चांदनी चौक, कोयम्बटूर ब्रांच, हैदराबाद की मेन ब्रांच, मुंबई की बुलियन ब्रांच में इसका फायदा उठाया जा सकता है।




लॉकर में रखे सोने में आपको कुछ नहीं मिलता है। तो वहीं निष्क्रिय सोना यानी की बहुत दिनों से घर पर पड़े हुए सोने पर आपको ब्‍याज भी मिलेगा। एसबीआई गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के अंतर्गत, ब्याज, गोल्ड मुद्रा में गणना की जाती है और रुपये के बराबर में भुगतान किया जाता है। अगर आपके पास कमाई से ज्‍यादा का सोना है तो आपको इसके लिए संपत्ति कर के तहत टैक्‍स भरना पड़ेगा। हालांकि, एसबीआई गोल्ड डिपॉज़िट योजनाओं पर कोई संपत्ति कर, पूंजीगत लाभ कर या आयकर देय नहीं है। यानी कि आपको टैक्‍स में छूट मिल जाएगी।




जब आपकी सोना जमा योजना परिपक्व होती है, तो आप मौजूदा दरों पर रिडीम करते हैं, जिसका मतलब है कि सोने की कीमतों में इजाफा हुआ है, तो आप लाभ हासिल कर सकते हैं। आप इसे लॉकर में रखे सोने की कीमत से तुलना करें आपको यहां पर डिपॉजिट स्‍कीम में ब्‍याज मिलेगा, लेकिन लॉकर में रखे सोने पर नहीं मिलेगा।