शिलांग ।

महज दो ही महिने पहले विवादित नागरिकता (संशोधन) विधेयक के मुद्दे पर मित्रदल की सरकार से बाहर चले आने के बाद तमाम अटकलों को विराम देते हुए असम गण परिषद (अगप) फिर से एनडीए में लौट आई है। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव में मित्रदल भाजपा और बीपीएफ के साथ तालमेल बनाकर चुनाव लड़ने के अगप के राजनीतिक लक्ष्य को बल मिल गया है।     




दोनों दलों के बीच पिछले दो महीने से चल रहे सारे गिले-शिकवों को खत्म करते हुए अगप-भाजपा ने फिर दोस्ती की नई पारी शुरू करने की कसमें खाई है। बुधवार को यहा ब्रह्मपुत्र अतिथिशाला में मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से भेंट कर अगप के तीन पूर्व मंत्री अतुल बोरा, केशव महंत और फणिभूषण चौधरी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया और सरकार में शामिल हो गए। देर रात तक यहां चले यहा बैठक में राष्ट्रीय महासचिव राम माधव, अगप अध्यक्ष अतुल बोरा, नेडा के संयोजक हिमंत विश्वशर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास सहित अन्य लोगों के बीच हुई बैठक में लोकसभा चुनाव के लिए अगप-भाजपा के बीच फिर से मित्रता पर मुहर लगा दी गई।





राम माधव ने बाद में ट्विटर पर कहा, चर्चा के बाद, भाजपा और अगप ने असम में आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने के लिए साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। भाजपा के हिमंत विश्व शर्मा और अगप के अतुल बोरा और केशव महंत की मौजूदगी में गुवाहाटी में इसकी घोषणा की गई ।