गुवाहाटी ।

मेजर नीतुल गोगोई के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। एक अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर में स्थानीय महिला से दोस्ती रखने के दोष में उनका पद घटाया जा सकता है। बता दें कि मेजर गोगोई 2017 में पत्थरबाजी करने वाले एक युवक को जीप के आगे बांधने की वजह से चर्चा में आए थे। मेजर गोगोई के ड्राईवर समीर मल्ला के खिलाफ हाल ही में कश्मीर में कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया हुई थी। उन्हें कड़ी फटकार लगाए जाने की संभावना है।




फरवरी में मेजर गोगोई और उनके ड्राइवर के खिलाफ सबूत पूरे होने के बाद कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू की गई। दोनों को स्थानीय महिला से दोस्ती और ड्युटी स्थल से दूर होने का दोषी पाया गया है। 23 मई 2018 को उस समय विवाद खड़ा हुआ था जब यह खबर फैली थी कि सेना के एक अधिकारी को एक नाबालिग लड़की के साथ स्थानीय होटल से पुलिस ने गिरफ्तार किया जो यौन शोषण की मंशा से उसे साथ लेकर आया था।



यह मामला ज्यादा तूल तब पकड़ने लगा जब यह पता चला कि पकड़ा गया व्यक्ति सेना का अधिकारी है, जिसने बडगाम जिले में उपचुनाव के दौरान एक स्थानीय युवक को ह्यूमन शील्ड बनाया था। सेना पर हो रही पत्थरबाजी को रोकने के लिए 28 साल से बुनकर फूक अहमद डार को 9 अप्रैल 2017 को रस्सी से बांधकर करीब छह घंटे तक उसे उस इलाके के कई गांवों में घुमाया गया।


यह सब बीरवाह सब-डिस्ट्रिक्ट में भारतीय सेना के बडगाम  कैंप के 53 राष्ट्रीय राइफल के मेजर नीतुल गोगोई के नेतृत्व में हुआ। नीतुल का कहना था कि पत्थरबाजों से बचने के लिए सेना का एेसा करना जरूरी था। इसके बाद सरकार द्वारा मेजर को सम्मानित भी किया गया था।