गुवाहाटी ।

पूर्वोत्तर राज्यों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेश,कौशल विकास और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए चल रही विभिन्न परियोजनाओं को यहां समीक्षा की गई। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास के सचिव डाॅ. इंदर जीत सिंह की अध्यक्षता में पूर्वोत्तर क्षेत्र के आकांक्षी जिलों के प्रमुख नोडल अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।




बैठक में पूर्वोत्तर परिषद के सचिव राम मुइवा, नीति आयोग के मूल्यांकन विभाग के प्रमुख राकेश रंजन रक्षा उत्पादन विभाग के संयुक्त सचिव एवं आकांक्षी जिले उदालगुड़ी के प्रभारी अधिकारी विजेंद्र, कृषि तथा किसान कल्याण विभाग की सलाहकार डाॅ. वंदना द्विवेदी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम मंत्रालय में विकास आयुक्त कार्यालय के निदेशक शिरीष अस्थाना सहित मंत्रालय तथा पूर्वोत्तर परिषद के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।



बैठक के दौरान असम के बरपेटा, बाक्सा,दरंग, धुबड़ी, ग्वालपाड़ा, हैलाकांदी और उदालगुड़ी, अरुणाचल प्रदेश के नामसाई, मणिपुर के चंदेल, मेघालय के रिभोई, मिजोरम के मामित, नगालैंड के किफायर, सिक्किम के पश्चिम सिक्किम और त्रिपुरा के धलाई के संबंध में परियोजनाओं की प्रगती पर विशेष चर्चा की गई। यह चर्चा स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और बुनियादी ढा़चे जैसे पांच मुख्य विषयों पर आधारित थीं।
 


बैठक में संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि वे इन जिलों की प्रगति की अलग-अलग मापदंडों के आधार पर नियममित रूप से निगरानी करें ताकि ये जिले अपना प्रदर्शन सुधार सकें। आकांक्षी जिलों के विकास के अपने प्रयासों को तेज करने के लिए संबद्ध मंत्रालयों, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश भी दिए गए।