पवई पुलिस ने एक ऐसे वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया है, जो लोगों को उसके द्वारा भेजे जाने वाले वाहनों को गंतव्य तक पहुंचाने की आड़ में लोगों के ठग रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपी रमन शर्मा (23) और विकास शर्मा (23) हरियाणा के रहने वाले हैं। शर्मा बंधुओं पर आरोप है कि इन्होंने भारतीय तटरक्षक बल में तैनात एक जवान की पत्नी की स्कॉर्पियो गाड़ी को मुंबई से असम भेजने के नाम पर उससे न सिर्फ 36 हजार रुपये ऐंठे, बल्कि गाड़ी भी लेकर फरार हो गए।  




डीसीपी जोन-10 नवीन चंद्र रेड्डी और एसीपी मिलिंद खेतले के मार्गदर्शन में सीनियर पीआई अनिल फोफले ने दोनों आरोपियों को नवी मुंबई के कलंबोली से गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उसने एक सेकंड हैंड स्कॉर्पियो गाड़ी को असम में रहने वाले अपने परिचित को भेजने के लिए जस्ट डायल से मदद ली थी, जहां से उसे एक नामचीन मूवर्स ऐंड पैकर्स कंपनी का नंबर मिला था। उस नंबर पर कॉल किया तो दो लोग संपर्क में आए, जो खुद को उस कंपनी का प्रतिनिधि बता रहा थे। 




बातचीत के दौरान दोनों ने मेरी गाड़ी को अगले पांच से सात दिनों में असम में पहुंचा देने की बात कही। इसके बाद वे लोग पवई स्थित मेरे घर आए और मेरी स्कॉर्पियो गाड़ी एवं पार्सल की रकम 36 हजार लेकर पावती देकर चले गए। करीब पंद्रह दिन बाद जब मैंने असम वाले परिचित को कॉल कर गाड़ी पहुंचने के बारे में जानकारी ली, तो पता चला कि अब तक वहां गाड़ी नहीं पहुंची है। इसके बाद वह संबंधित कंपनी के नवी मुंबई स्थित दफ्तर गई, जहां गाड़ी बुक कर ले जाने वाले लोगों के बारे में कंपनी ने अपना कर्मचारी होने से ही साफ इनकार कर दिया।