अगरतला ।

अब मकान, दुकान, फ्लैट या अन्य निर्माण कार्य करवाने वालों पर संकट आने वाला है, क्योंकि हाईकोर्ट ने ईंट भट्टों को पूरी तरह से बंद करने का आदेश दिया है। यह आदेश त्रिपुरा उच्च न्यायालय की ओर से दिया गया है। इसमें कहा गया है कि वैधानिक पर्यावरणीय अनुमति के बिना चल रहे सभी ईंट भट्टों को पूरी तरह से बंद कर दिया जाए। इस तरह के राज्य में 393 ईंट भट्टे चल रहे हैं जिन पर हाईकोर्ट के आदेश की तलवार लटक गई है।


यह आदेश मुख्य न्याधीश संजय कारोला और न्यामूर्ती अरिंदम लोढा की खंडपीठ ने त्रिपुरा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पेश हलफनामे की जांच करने के बाद दिया है। जांच में पाया गया कि राज्य में चल रहे सभी 393 ईंट भट्टे बिना पर्यावरणीय अनुमति के चल रहे हैं। एक रिपोर्ट में समाने आया कि इनमें से 280 भट्टे चालू थे, वहीं 43 भट्टे स्थाई तौर पर गैरक्रियाशील थे।


इस बाबत् न्यायालय ने त्रिपुरा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्य सचिव को निर्देश दिया है कि वो सभी ईंट भट्टों का भौतिक सत्यापन करें तथा पता लगाएं कि क्या वो वैधानिक पर्यावरणीय अनुमति के चल रहे हैं या नहीं। इस मामले में उनको पूरी रिपोर्ट दो हफ्तों में पेश करने के लिए कहा है।