गुवाहाटी ।

जापानी एन्सेफेलाइटिस ने लगभग पूर राज्य को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। कोकराझाड़ को छोड़ सभी जिले सरकारी तौर पर प्रभावित बताए गए हैं। इस बीच प्रदेस सरकार ने पीड़ित लोगों के लिए विशेष परिवहन भत्ते सहित कई अन्य विशेष घोषणाएं की हैं। हाफ्लाोंग सिविल हाॅस्पिटल में एक अन्य रोगी की मौत इस बिमारी से हो गई है।


इस प्रकार राज्य में जापानी एन्सेफेलाइटिस से मरने वालों की संख्या 50 पहुंच गई है। जापानी एन्सेफेलाइटिस के बढ़ते प्रकोप के चलते राज्य सरकार पहले ही सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर चुकी है। डिमा हसाउ जिले में इस साल जान गवांने वाली पहली मरीज कुंजलता हकम्कसा (60) को पिछले हफ्ते ही हाफ्लोंग के सिविल हास्पिटल में भर्ती कराया गया था।


चिकित्सकों का कहना है कि जापानी एन्सेफेलाइटिस से बचने का एकमात्र सबसे प्रभावी उपाय यह है कि हर कोई मच्छरों के काटने से बचे। इसके लिए दिन के समय भी बिस्तर पर लेटने की हालत में मच्छरदानी के इस्तेमाल और बाहों को ढंके रहने की जरूरत है। इस बीच राज्य सरकार ने दावा किया है कि इस घातक बीमारी के इलाज के लिए जरूरी पैरासिटामोल, मैन्निटोल, आईवी फ्लयूड्स और अन्य एंटीबायोटिक्स सरकारी चिकित्सालयों में मुफ्त उपलब्ध हैं। 



मेडिकल काॅलजों और जिला अस्पतालों में इस बीमारी के परीक्षण का सारा व्यय वहन करने का दावा भी राज्य सरकार ने किया है। बताया गया है कि सभी मेडिकल काॅलेजों और जिला अस्पतालों के अईसीयू में जापानी एन्सेफेलाटिस पीड़ित लोगों के लिए कुछ बिस्तर आरक्षित कर दिए गए हैं। इस में केवल इसी के रोगी भर्ती किए जाएंगे।