गुवाहाटी ।

केंद्र की मोदी सरकार इसबार पूर्वोत्तर राज्यों पर काफी मेहरबान है। इस क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की ओर से बजट 2019 में 3000 करोड़ रूपए आवंटित किए गए हैं। यह पैसा पूर्वोत्तर के आठ राज्यों असम, अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम, त्रिपुरा, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम के विकास पर खर्च होना है। इस बार की आवंटित राशि पिछली बार से 400 करोड़ रूपए अधिक है।


पूर्वोत्तर राज्यों को बजट अलग—अलग मदों में आवंटित किया गया है। इसके अलावा कई मदों में राशि की कटौती की गई तो कई में अधिक धन दिया गया है। इसी मद में विशेष विकास परियोजनाओं के लिए 305 करोड़ रूपए दिए गए हैं। हालांकि पिछले साल यह राशि 402.72 करोड़ रूपए थी।


इन राज्यों में बांस, सूअर पालन, क्षेत्रीय पर्यटन, उच्च शिक्षा, तृतीय हेल्थकेयर, टेलीमेडिसिन, एनईआर में विज्ञान और प्रोद्योगिकी के विकास के लिए परिषद अनुदान देती है। इस वित्त वर्ष के इसमें 885.18 करोड़ रूपए मिले हैं। नॉर्थ ईस्ट स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम के लिए 644.65 करोड़ रूपया दिया गया है। पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम के लिए 50 करोड़ रूपए दिए गए हैं। वहीं, एनएलपीआर योजना के लिए 2 करोड़ रूपए, केंद्रीय संसाधन पूल के लिए 1227.75 करोड़ समेत कई योजनाओं के लिए पैसा दिया गया है।