गंगटोक ।

सिक्किम विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सवालों का जवाब देते हुए सीएम पवन चामलिंग ने बौद्ध शिक्षकों के स्थाईकरण पर बोलते हुए संस्कृत शिक्षकों को भी स्थाई करने की घोषणा कर डाली। प्रश्न पूछने वाले विधायकों ने मुख्यमंत्री से सभी विभागों के मद में दी गई धनराशि का विवरण मांगा।



निर्दलीय विधायक चामलिंग ने सीएम से बीती 5 मार्च 2014 को पश्चिम सिक्किम सोरेंग में राज्य सरकार द्वारा युवाओं को दिए गए ऋण माफ करने की घोषणा के संबंध में सवाल पूछा।  विधायक ने सरकार से वाहनों द्वारा सड़क पर अधिक कर चुकाने तथा पड़ोसी राज्य बंगाल की तर्ज पर पांच वर्ष में एक बार वाहनों का बीमा व पंजीकरण के नियम लागू करने की मांग की। विधायकों ने दो वर्ष के एरियर के साथ सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने का भी सवाल रखा।




वहीं एसकेएम विधायक सोनाम लामा ने सरकार द्वारा बौद्ध मठों में पढ़ाने वाले बौद्ध शिक्षकों को स्थाई करने की घोषणा का स्वागत किया। इसी तरह विधायक लामा ने सरकार द्वारा बौद्ध मठों में पढ़ाने वाले बौद्ध शिक्षकों को स्थायी करने की घोषणा का स्वागत किया। लामा ने राज्य के समक्ष होम गार्ड को समान जिम्मेदारी तथा समान अधिकार देने के उच्चतम न्यायालय के आदेशों को लागू करने की मांग की। विधायकों द्वारा दागे गए सवालों का अपने चिर परिचित अंदाज में मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने स्वागत करते हुए सभी प्रश्नों का सिलसिलेवार तरीके से जवाब दिया।




ऋण माफी के संबंध में उन्होंने कहा कि इस मामले के लिए संबंधित विभागों से आंकड़े मांगे गए हैं, लेकिन विभागीय आंकड़े नहीं मिलने के चलते प्रक्रिया लंबित होने का कारण बताया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि आंकड़े आते ही ऋण माफी प्रक्रिया को तीव्र गति से आगे बढ़ा दिया जाएगा। वहीं वाहनों का पंजीयन बंगाल की तर्ज पर करने के प्रश्न को सीएम ने अनुचित बताते हुए कहा कि राज्य में सड़कों में सुधार के लिए बंगाल की तुलना में काफी ज्यादा धनराशि की आवश्यकता होती है।





उन्होंने वेतनमान के विषय पर बताया कि आगामी 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा तथा इसका लाभ पेंशनधारियों को भी होगा। हालांकि दो वर्ष के एरियर के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने चुप्पी साध ली। सीएम ने बताया कि बौद्ध शिक्षकों की ही तरह संस्कृत के शिक्षकों को भी स्थाई करने की घोषणा की। उन्होंने 15 वषरें से अधिक होम गार्ड के रूप में कार्यरत जवानों को स्थाई करने तथा शहर के सोचेथांग में प्रस्तावित 1000 शैय्या वाले अस्पताल में चपरासी व वार्ड ब्वाय व ग‌र्ल्स को भी स्थाई नियुक्ति देने की घोषणा की। चामलिंग ने सिक्किम में अन्य राज्यों की तुलना में होम गार्ड्स को 10000 रुपए मासिक वेतन देने की भी जानकारी सदन को दी।