आईजोल। ।

केएल राहुल, करुण नायर और मयंक अग्रवाल के साथ खेल चुके सिनन अब्दुल खादिर क्रिकेट के गढ़ कर्नाटक को छोड़कर मिजोरम से खेल रहा है। मिजोरम को पिछले साल ही रणजी ट्रॉफी में एंट्री मिली है। रणजी के पिछले सीजन में 22 विकेट लेने और 133 रन बनाने वाले सिनन ने खुद ही यह राज खोला कि वे आखिर कर्नाटक छोड़कर मिजोरम क्यों गए। 




बेंगलुरू के सिनन अब्‍दुल खादिर मिजोरम से खेलने से पहले अंडर-19 क्रिकेट में कर्नाटक से खेल चुके हैं। वे स्पेशलिस्ट लेग स्पिनर हैं और निचले क्रम में अच्छी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। उन्होंने 'जी डिजिटल' को फोन पर बातचीत में बताया, ‘मैं नौवीं क्लास तक सभी खेल खेलता था। 10वीं क्लास में क्रिकेट में दिलचस्पी बढ़ी। 



इस बीच मैं करुण नायर और केएल राहुल के संपर्क में आया। उन्होंने मुझे क्रिकेटर बनने के लिए मोटिवेट किया। मैं क्रिकेट को लेकर गंभीर हुआ। अंडर-19 टीम में भी खेला। लेकिन मैंने देखा कि कर्नाटक की टीम में आना आसान नहीं है। ऐसे में मुझे दूसरे विकल्प के बारे में सोचना पड़ा।’



सिनन कहते हैं कि उनके पास इसके बाद दो ही विकल्प थे। या तो क्रिकेट खेलते रहना या इसे छोड़कर कोई दूसरा प्रोफेशन चुनना। उनकी फैमिली होटल के बिजनेस में है। फैमिली बिजनेस में हाथ आजमाने का आसान विकल्प खुला था। लेकिन उन्होंने कठिन रास्ता चुना। उन्होंने क्रिकेट को ही करियर बनाना तय किया और इसी रास्ते में आगे बढ़ते हुए मिजोरम की राह पकड़ ली। 



दरअसल, पिछले साल घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में 9 नई टीमों को शामिल किया गया। इनमें मिजोरम भी शामिल है। हर राज्य को यह छूट दी गई कि वह बाहरी राज्य के तीन खिलाड़ियों से भी करार कर सकते हैं। इसके तहत मिजोरम ने सिनन, अखिल राजपूत (लालचंद राजपूत के बेटे) और पंजाब के तरुवर कोहली को अपनी टीम में शामिल किया। भले ही मिजोरम की टीम अपने डेब्यू टूर्नामेंट में खास कमाल नहीं कर पाई हो, लेकिन कई खिलाड़ियों ने अपनी पहचान बना ली है। इनमें सिनन अब्‍दुल खादिर भी शामिल हैं।



पिछले साल रणजी के अलावा विजय हजारे ट्रॉफी में खेल चुके सिनन राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के लिए भी ट्रायल दे चुके हैं। पिछली बार उन्हें इन टीमों में मौका नहीं मिला। इस साल वे ज्यादा भरोसे के साथ मैदान पर उतरने की तैयारी में हैं। 28 साल के सिनन आगे का प्लान बताते हुए कहते हैं कि उन्होंने अपनी गेंदबाजी में वेरायटी बढ़ाई है और बैटिंग भी सुधारी है। 



इसीलिए वे अब खुद को ऑलराउंडर मानते हैं। इस साल वे और बेहतर प्रदर्शन करने जा रहे हैं। सिनन कहते हैं, ‘मैं जानता हूं कि राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना मेरे लिए आसान नहीं है, लेकिन अगर मैं रणजी ट्रॉफी या आईपीएल में भी अच्छा प्रदर्शन करता हूं तो मेरे भीतर के क्रिकेटर को सुकून मिलेगा। मैं इसके लिए पूरी मेहनत कर रहा हूं।’