लौंग का इस्तेमाल हर घर की रसोई में किया जाता है। लौंग खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाती बल्कि ये स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक है। लौंग का प्रयोग दांतों के दर्द, गले की खराश के अलावा पेट दर्द में भी प्रयोग किया जाता है। यही वजह है कि लौंग का प्रयोग हर घर में किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लौंग का चलन दुनिया में कब से शुरु हुआ। आज हम आपको लौंग के इतिहास से जुड़े ऐसे ही कुछ तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनके बारे में आपने आजतक नहीं सुना होगा।


बताया जाता है कि लौंग का इतिहास अब से करीब तीन हजार साल पुराना है। तब पूर्वी एशिया के कुछ द्वीपों पर केवल लौंग के ही पेड़ हुआ करते थे। ऐसा माना जाता है कि उनदिनों टर्नेट, टिडोर और उसके कुछ द्वीपों में लौंग के पेड़ पाए जाते थे।


इसीलिए यहां रहने वाले लोगों को लौंग का खूब फायदा मिला। ये लोग लौंग का कारोबार करते थे और इससे खूब पैसा कमाते थे। ऐसा माना जाता है कि दुनिया का सबसे पुराना लौंग का पेड़ इंडोनेशिया के टर्नेट द्वीप पर है। बता दें कि टर्नेट एक ऐसा द्वीप है जहां ज्वालामुखियों की भरमार हैं। बावजूद इसके लोग खुद को यहां जाने से रोक नहीं पाते।


 
इस द्वीप की खूबसूरती बाकी द्वीपों के हटकर है। इस द्वीप पर तमाम तरह के जीव-जंतु पाए जाते हैं। इस द्वीप पर उड़ने वाले मेंढक भी पाए जाते हैं। जो आपके मन को मोह लेंगे। ऐसा माना जाता है कि इसी वजह से अंग्रेज वैज्ञानिक अल्फ्रेड रसेल वॉलेस ने उन्नीसवीं सदी में नई नस्लों की खोज के लिए इस द्वीप की यात्रा की।


 
अपने इस काम को अंजाम देने के लिए उन्होंने इन द्वीपों पर कई साल भी बिताए। वहां से जब वह वापस लंदन गए तो उनके पास करीब सवा लाख से भी ज्यादा प्रजातियों के नमूने थे।


 
बताया जाता है कि लौंग के व्यवसाय से जब टर्नेट और टिडोर के सुल्तानों के पास काफी पैसा इकट्ठा हो गया था। उसके बाद वो खुद को सबसे ज्यादा ताकतवर समझने लगे। इसीलिए उनमें आपस में लड़ाई झगड़े होने लगे। उनकी इस लड़ाई का फायदा अंग्रेजों और डच कारोबारियों उठाया और उनके इस इलाकों पर कब्जा लिया।


कैसे जाएं-
दिल्ली से इंडोनेशिया जाने के लिए कई सीधी उड़ानें हैं। जिससे आप इंडोनेशिया के विभिन्न शहरों में आसानी से पहुंच सकते हैं।


यहां भी जाएं-
इंडोनेशिया में टर्नेट द्वीप के अलावा कई खूबसूरत जगहें हैं जहां आप घूम सकते हैं। इंडोनेशिया के विभिन्न शहरों में आप तनह लोट मंदिर, उलुवतु टेम्पल, माउंट बतुर, नुसा लेम्बोंगन, उबुद, नुसा दुआ, सेमिनयक, कुत्ता बीच, किन्तामणि दान पेनलोकन, पंटाई सनूर, जिम्बरन बीच, नगर: राइ इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बोरोबुदूर टेम्पल, पंचाई चंडीदास, पूरा तमानायु, केकक एंड फायर डांस, ड्रीमलैंड बीच, तंपाकसिरिंग मंदिर, बटुआ गांव, सेंट्रल पार्क, तमान मिनी इंडोनेशिया पार्क इत्यादि खूबसूरत जगहें घूम सकते हैं।