हमलोग सुंदर दिखने के लिए क्या-क्या जतन नहीं करते हैं, खासतौर पर महिलाएं अपनी सुंदरता को लेकर बेहद ही सजग रहती हैं। हर पति की ख्वाहिश होती है कि उसकी पत्नी बेहद खूबसूरत हो। लेकिन यहां के पति जानबूझकर अपनी खूबसूरत पत्नी को बदसूरत बनाने की कोशिश में लगे रहते हैं।



आपको ये जानकर हैरानी होगी, लेकिन ये सच है। म्‍यांमार में रहने वाली चिन और मुन ट्राइब ऐसी है जहां पुरुष अपनी पत्नियों को कुरूप बनाकर रखते हैं। इसके लिए वे कोई कसर नहीं छोड़ते। इस जनजाति के पुरुष अपनी पत्नियों के चेहरे पर भद्दे टैटू बनवाकर रखते हैं। ये टैटू सूअर और गाय की चर्बी के बने होते हैं जिससे उनसे घृणा और बढ़ जाती है। साथ ही ये टैटू किसी रंग से नहीं बल्कि जंगली पौधों से बनाए जाते हैं।



ये टैटू केवल दिखने में ही भद्दा नहीं होता हैं, बल्कि इसे बनवाते समय भी ये काफी कष्‍ट देते हैं। दर्द के कारण महिलाओं की चीख निकल जाती है। स्वास्थ्य पर भी ये टैटू बुरा प्रभाव डालते हैं। इनसे संक्रमण का खतरा भी रहता है। टैटू बनवाने के बाद भी इनसे खून रिसता है, जो काफी तकलीफ देय होता है। ये चलन आजकल का नहीं है बल्कि वर्षों पुराना है।



इन जातियों में आखिर ये परंपरा क्यों चली आ रही हैं इसके पीछे असुरक्षा को कारण माना गया है। म्‍यांमार में बरसों पहले राजशाही थी और निर्दयी राजा अपने क्षेत्र की सुंदर महिलाओं पर गंदी नजर रखते थे, साथ ही उन्‍हें उठवा भी लिया जाता था। शारीरिक शोषण के अलावा उन्‍हें सेक्‍स स्‍लेव के रूप में रखा जाता था। इस समस्‍या से निपटने के लिए जनजाति के लोगों ने अपनी महिलाओं का सौंदर्य ही बिगाडऩा शुरू कर दिया। उनका मानना था कि जब महिलाओं में आकर्षण ही नहीं होगा तो उन्‍हें कोई उठाकर ही नहीं ले जाएगा।