दीमापुर ।

नागालैंड देश का ऐसा राज्‍य है जहां आज तक एक भी महिला विधायक नहीं चुनी गई, वहां 60 साल की तोकहेली किकोन की राजनीतिक यात्रा न सिर्फ एक उदाहरण है बल्कि हमें पाठ भी पढ़ाती है। दीमापुर जिले के नहरबाड़ी ग्राम समिति की अध्‍यक्ष किकोन पूरे नागालैंड की एकमात्र ऐसी महिला हैं जो किसी निर्वाचित पद की जिम्‍मेदारी उठा रही हैं। नागालैंड में 1200 से ज्‍यादा गांव हैं।  





जल्‍द ही लोकसभा चुनावों की घोषणा होने जा रही है। चुनाव प्रचार में महिलाएं एक बड़ी भूमिका निभाएंगी पर उच्‍च दर्जे के पुरुषप्रधान नगा समाज में महिलाओं को कोई राजनीतिक उत्‍तरादायित्‍व निभाने का मौका नहीं दिया जाएगा। हालांकि किकोन बताती हैं, मेरे प्रति पुरुषों का रवैया बहुत अच्‍छा है। मैं उन सबके सहयोग से ही अध्‍यक्ष पद की जिम्‍मेदारी भलीभांति निभा रही हूं। मैंने अपने कार्यकाल में ग्राम समिति की संपत्ति तीन करोड़ रुपये से अधिक करने में सफलता हासिल की है। कई स्‍कूल और अन्‍य भवन बनवाए गए जिससे अब हमें किराया मिल रहा है।




जब किकोन अध्‍यक्ष पद के लिए चुनी गई थीं तो ग्राम समिति के पास संपत्ति के नाम पर कुछ भी नहीं था। किकोन के चमत्‍कारिक प्रदर्शन से आस है कि वह दोबारा इस पद के लिए चुनी जाएंगी। किकोन वर्ष 2000 में ग्राम समिति की सदस्‍य थीं और वर्ष 2005 में पहली बार समिति की अध्‍यक्ष चुनी गईं। किकोन के सार्वजनिक जीवन की शुरुआत विद्रोह के दिनों में हुई थी जिसने नगालैंड को आतंकित कर दिया था। किकोन बताती हैं,  उन दिनों जब सीजफायर नहीं था मैंने कई युवाओं की जान बचाई। इस दौरान मेरा आत्‍मविश्‍वास बढ़ा। मैं जमीन से जुड़ी हुई कार्यकर्ता हूं और अपने काम से बहुत खुश हूं। 




राजनीति में प्रवेश करना तीन बच्‍चों की मां किकोन के लिए बहुत आसान नहीं रहा। कई मौकों पर उनके साथ मारपीट की गई पर वह बहादुरी के साथ डटी रहीं और धमकियों की परवाह न करते हुए समाज के लिए काम करती रहीं। इतने संघर्ष के बावजूद किकोन राजनीति में और आगे जाएंगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। किकोन के मुताबिक, लोकसभा चुनावों में उम्‍मीदवारी जताना बेहद खर्चीला है। मेरी आर्थिक स्थिति इतनी अच्‍छी नहीं है लेकिन मैं शहरी निकाय चुनाव में जरूर भाग लूंगी चाहे महिलाओं को 33 परसेंट आरक्षण मिले या न मिले।




बता दें कि नागालैंड के शहरी निकाय चुनाव में महिलाओं को आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर वर्ष 2017 में काफी बवाल हुआ था। इस दौरान कम से कम दो लोगो की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे। साथ ही कई दुकानों को प्रदर्शनकारियों द्वारा क्षतिग्रस्‍त कर दिया गया था। 2011 की जनगणना के अनुसार नागालैंड की आबादी करीब 20 लाख है जिसमें महिलाओं की संख्‍या लगभग 9.5 लाख है। बावजूद इसके राजनीति के क्षेत्र में इनकी संख्‍या नगण्‍य है।