गुवाहाटी। ।

असम की बेटी धीरा चलीह हजारिका राज्य की पहली महिला पायलट हैं। इसके साथ ही वे पूर्वोत्तर से भी पहली महिला पायलट हैं। 21 वर्ष की आयु में अप्रैल, 1961 को उन्हें पायलट बनते ही सम्मानित किया गया। शादी के बाद असम उनका शीतकालीन आशियाना बन गया। गर्मियों में वे अपने पति के साथ लंदन चली जाती थी। वे मई तक असम में रहा करती थी।



एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि मेरे पिता कहा करते थे कि ऐसा कोई भी काम नहीं है जो एक महिला नहीं कर सकती। मैं बचपन से ही लड़कों वाले खेल खेला करती थी। मेरे में पिता मेरे प्रेरणा स्रोत रहे हैं। उन्होंने ही मुझे पायलट बनने के लिए प्रेरित किया।



अपनी पहली उड़ान के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा, 'मेरा प्रशिक्षण बोरझार के गौहाटी हवाई अड्डे पर शुरू हुआ। दिल्ली के फ्लाइट ऑफिसर ने मुझे आसमान में हर इमरजेंसी में जबरन लैंडिंग सिखाई। मुझे कुल 17 घंटे की उड़ान पूरी करनी थी, जिसे मैंने अपने परिवार और दोस्तों के मदद के कारण पुरा कर पाई। 1961 में बोरझार से तेजपुर के लिए मेरी पहली एकल उड़ान एक शानदार अनुभव था। शुरू में मैं थोड़ा घबराई हुई थी। क्योंकि हवाई अड्डे से कोई रेडियो संपर्क नहीं था। उस वक्त उड़ान का सिर्फ मैं ही मजे ले रही थी। एक आपात लैंडिंग के बावजूद सभी यात्री सुरक्षित थे।'


अपने करियर के बारे में बताते हुए उन्होंने आगे कहा, 'एक ट्रेनी पायलट के रूप में कार्यकाल पूरा करने के बाद, मैंने अपने कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए बहुत मेहनत की। लेकिन जब मुझे कमर्शियल लाइसेंस मिलने वाला था। मैंने कमल हजारिका से शादी कर ली, और फिर मैं उनके साथ लंदन चली गई। लेकिन मुझे जीवन में कभी भी पछतावा नहीं हुआ। हालांकि, कभी-कभी ऐसा लगता है कि अगर मैं एक कमर्शियल पायलट बन जाती तो मैं इतने सारे स्थानों की यात्रा कर सकती थी और इतने सारे लोगों से मिल सकती थी।'



उन्होंने आगे बताया कि मेरी शादी के बाद मैं अपने पति के साथ लंदन में बस गई। एक वाक्या को शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि एक बार मैं अपने पति के साथ मेखला चड़ोर में फ्लाइंग क्लब गई। मुझे लगा कि अधिकारी मुझे फॉर्म भरने के लिए कहेंगे और मुझे उड़ान भरने देंगे। खैर, जब हम दोनों फ़्लाइंग क्लब में पहुंचे, तो अधिकारी ने मेरे पति को विमान उड़ाने के लिए साथ आने को कहा, लेकिन जब पति ने अधिकारी से स्पष्ट किया कि उड़ान के लिए मैं आई हूं, तो वह हैरान रह गया और मुझे साड़ी में उड़ान भरते हुए देख आश्चर्यचकित रह गया।'