गुवाहाटी। ।

अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर पूर्वोत्तर भारत के आदिवासी डांस ने लंदन में विभिन्न सामुदायिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।




मेघालय के पारंपरिक गारो नृत्य और मिजोरम के प्रसिद्ध चेरो नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आयोजन का विषय 'नृत्य और विकास' था। पूर्वोत्तर के नृत्य को पियाली बसु, लुम्बिनी बाफना, जूही धनशेखरन, प्रशांति अरीपिरला और प्रियदर्शनी निरंजन द्वारा प्रस्तुत किया गया।


आदिवासी नृत्यों ने विविध सामुदायिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले विविध दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डायनेमिक वीमेन फाउंडेशन की चेयरपर्सन मयूरा पटेल ने इस आयोजन के मौके पर कहा, 'यह एक अद्भुत प्रदर्शन था। लंदन में भारतीय पारंपरिक नृत्य को सराहना मिलना सम्मान की बात है।'



उल्लेखनीय है कि संगीत और कपड़े वहां रहने वाले स्थानीय भारतीयों ने उपलब्ध करवाया था। जिनकी मदद से ये कलाकार भारत के आदिवासी क्षेत्र का असली स्वाद को ब्रिटेन में प्रदर्शित किया।